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[2022 Latest] 71+ Zakhmi Dil Shayari in Hindi

Latest Zakhmi Dil Shayari in Hindi 


हेलो दोस्तों, स्वागत है आपका हमारी शायरी वेबसाइट पर आपको हमारी वेबसाइट पर सभी तरह की हायरी मिलेगी जैसे की ज़ख़्मी दिल शायरी (Zakhmi Dil Shayari), रोमांटिक शायरी, 2 लाइन शायरी, पंजाबी शायरी, तेरा इश्क़ शायरी, हिंदी प्यार शायरी | 

आज लोग कड़वे बोल बोलकर लोगो का दिल तोड़ देते है खास क 18 से 24 की उम्र वाले जब ब्रेकउप होता है तो girlfriend और boyfriend आपस में लड़ते है और जब मनाना होता है तो फिर एक दूसरे को शायरी करते है | आज उसी बात पर यह ज़ख़्मी दिल शायरी (Zakhmi Dil Shayari) लिखी हुई है इसे जरूर पढ़े और हमे कमेंट में जरूर बताये की कैसी लगी | 


Zakhmi Dil Shayari in Hindi



zakhmi dil shayari

* दुआ करने का दम बी उसी दिन निकले ,
जिस दिन तेरे दिल से हम निकले |


* मेरे जख्मी दिल को छुआ न करो,
मर जाने दो मुझको, जीने की दुआ न करो |


* सवाल  ज़हर  का नहीं था, वो तो मैं पी गया |
तकलीफ़ लोगों को तब हुई, जब मैं ज़हर पी के भी जी गया |


* रुलाया ना कर ऐ जिंदगी अब मुझे,
मुझे चुप करवाने वाला अब कोई नै रहा |


* नींद आएगी तो इस तरह सोए गय,
मुझे जगाने के लिए लोग रोईं गय |


* तुम ने जाना था और मैंने जाने दिया…
इससे ज्यादा मैं और क्या वफ़ा करता |


* आते आते आ ही रहा है अब दिल को सबर,
हम पाथर के हो रहे हैं और दिल मुर्दा |


* ये भी अच्छा है के हम अचे नहीं हैं…
किसी को दुख तो नहीं होता हमसे जुदा होने के बाद |


zakhmi dil shayari in hindi



* क्या रखा है सुनने और सुनाने में,
किसी ने कसर नहीं छोड़ी दिल दुखाने में |


* ये कौन-सी नई रीति चला रहे है लोग,
बेवफाओ के लिए उम्र भर आँसू बहा रहे है लोग |


* तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता |


* तेरे लहजे से क्यों लगा मुझको,
तू मेरे रूठने पर राजी है |


* धोके ऐसे ही नहीं मिलते, 
अच्छा करना पड़ता है लोगों के साथ |


* आप की याद आती रही रात भर,
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर |


* ये सांपो की बस्ती है, ज़रा देख के चल नादान 
यहाँ का हर शख्स, बड़े प्यार से डसता है |


* हम ने चलना छोड़ दिया अब उन राहों में 
टूटे वादों के टुकड़े चुभते है अब पांवो में |


* सुना है मोहब्बत में जान चली जाती है 
क्यों न मोहब्बत का नाम मौत रख दे |


* रोते रोते दिन कटता है तड़प कर रात 
भूल न पाता एक घडी ही प्यारी तेरी बात |


* दिलों में गर पली बेजाँ कोई हसरत नही होती,
हम इंसानों को इंसानों से यूँ नफरत नही होती |


* दिल का दर्द बताएं हम कैसे,
नुमाइश की चीज नहीं, दिखाएं हम कैसे |


* किसी की जान जाती है 
और किसी का कुछ नहीं जाता |


* कभी कभी दिल चाहता है
के दिल अब कुछ भी न चाहे |


* आज़माया बहुत गया मुझे
पर समझा नहीं गया |


* मौत पर भी है यकीन उन पर भी ऐतबार है,
देखते है पहले कौन आता है… दोनों का इन्तजार है |


* दिल गुमसुम, जुबाँ खामोश, आँखे नम क्यों है,
तुझे कभी पाया ही नहीं तो, आज खोने का गम क्यों है |


* जब इश्क़ के ख्वाब अधूरे रह जाते है,
तब दिल के दर्द आँसू बनकर बाहर आते है |


* दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते
अब कोई शिकवा हम नहीं करते |


zakhmi dil shayari in hindi



* दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है |


* दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से
कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से  |


* हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया |


* ऐसा नही है कि अब तेरी जुस्तजू नही रही,
बस टूट-टूट कर बिखरने की हिम्मत नही रही |


* दिल से नाजुक नहीं, दुनिया में कोई चीज साहब,
लफ़्ज का वार भी, खंजर की तरह लगता है |


* माना अभी जख्मी है दिल हमारा,
पर जख्म देकर खुश नहीं है दिल तुम्हारा |


* तू मेरे बिना ही खुश है तो शिकायत कैसी,
अब मैं तुझे खुश भी ना देखूँ तो मोहब्बत कैसी |


* यहाँ अपने ही मजा लेते है अपनों की हार पर,
कैसे करूं भरोसा गैरों के प्यार पर |


* कुछ इस तरह मुझसे वक्त ने सौदे किये है,
लेकर मेरी मासूमियत तजुर्बे बहुत से दिए है |


* अगर देख लेते जख्म हमारे दिल का,
तो आप यूं संवर कर नहीं निकलते |


* समझता हूँ सबब काफ़िर तिरे आँसू निकलने का
धुआँ लगता है आँखों में किसी के दिल के जलने का |


* हमे पता था कि तुम्हारी इश्क़ के जाम में जहर है,
लेकिन पिलाने में प्यार इतना था कि हम ठुकरा न सके


* मेरी कोशिश हमेशा नाकाम रही,
पहले तुझे पाने की, अब तुझे भुलाने की |


* तेरे बाद हमने दिल का दरवाजा खोला ही नहीं,
चाँद बहुत आए इस वीरान दिल को सजाने के लिए |


* इक दिल ने इक दिल को दिल ही दिल में प्यार की,
जब दिल ने निगाहों से इजहार किया तो दिल ने पलके झुका दी |



* रिश्तें तोड़ने तो नहीं चाहिए लेकिन
जहाँ कद्र न हो वहाँ निभाने भी नहीं चाहिए |


* मुझे रुलाकर सोना तेरी आदत हो गई है,
   जिस दिन मेरी नींद न खुली
   उस दिन उन्हें नींद से नफरत हो जायेगी  |


* तेरा ख़याल तेरी तलब और तेरी आरज़ू,
इक भीड़ सी लगी है मेरे दिल के शहर में।


zakhmi dil shayari in hindi



* अपनों को भी बताये नहीं जाते,
जख्म दिल के दिखाये नहीं जाते |


* दर्द को भी दर्द हुआ दिल का जख्म देखकर,
जिसने ये दिल का दर्द दिया सिर्फ वही था बेखबर |


* दिल लेके मुफ्त कहते हैं कुछ काम का नहीं,
उल्टी शिकायतें हुईं अहसान तो गया।


* चलो दिल की अदला-बदली कर लें,
तड़प क्या होती है समझ जाओगे।


* इश्तेहार दे दो कि ये दिल खाली है,
वो जो आया था किरायेदार निकला।


* किसी से इश्क़ उतना ही कीजिये,
दिल टूटने पर उसे जोड़ा जा सके  |


* सबको पता है इश्क़ में अक्सर दिल टूटता है,
आशिक इश्क़ करने से पहले क्यों नहीं सम्भलता है |


* दिल तोड़ते है, अरमानों का कत्ल करते हैं,
कोई तो बता दे इन पर मुक़दमा क्यों नहीं होता |


* टूटे हुए दिल का कोई खरीददार नही होता,
एक बार दिल टूट जाए तो फिर प्यार नहीं होता |


* ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्र-ओ-करार,
बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।


* मुमकिन अगर हो सके तो वापस कर दो,
बिना दिल के अब हमारा दिल नहीं लगता।


* खेलना अच्छा नहीं किसी के नाज़ुक दिल से,
तुम जाओगे जब कोई खेलेगा तुम्हारे दिल से।


* पास आ जरा दिल की बात बताऊँ तुझको,
कैसे धड़कता है दिल आवाज़ सुनाऊं तुझको।


* आकर तू देख ले दिल पे लिखा है नाम तेरा,
अगर कहे तो दिल चीर के दिखाऊ तुझको।


* याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फ़ाज़ 
जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है |


* जा बेवफा जा मुझे प्यार नहीं करना 
तन्हा ही जिलेंगे जब है तन्हा मरना |


* जितना जलाया है तुमने प्यार में मुझको,
दिल तो करता है कि मैं भी जलाऊं तुझको।


* अजनबी होता तो ऐसा कर भी लेता शायद ,
मगर तू तो अपना है कैसे सताऊं तुझको।


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* कुछ ठोकरों के बाद नज़ाक़त आ गई मुझ में,
अब दिल के मशवरों पे मैं भरोसा नहीं करता।


* कभी उनके नाम के पहले हर बार आते थे
पर अब आलम ये हैं कि उनके सपनो में भी नहीं आते |


* अंदर से तो कब के मर चुके है हम,
ए मौत तू भी आजा लोग सबूत मांगते है |


* जब कोई ख्वाब अधुरा रह जाते हैं 
तब दिल के दर्द आंसु बनकर बाहर आते हैं |


* कितना नादान है ये दिल कैसे समझाऊ 
तू जिसे खोना नहीं चाहता हो तेरा होना नहीं चाहता |


* इन दिनों दिल अपना सख्त बे-आराम रहता है,
इसी हालत में लेकर सुबह से शाम रहता है।


* देख तेरा दिया हुआ गुलाब कैसा रँग लाया है 
जो सज न सका तेरी डोली में 
आज मेरे जनाजे पे काम आया है |



* हमने इलाजे-ज़ख़्मे-दिल तो ढूँढ़ लिया, लेकिन 
गहरे ज़ख़्मों को भरने में वक़्त तो लगता है |


* उन्हो ने अपने लबो से लगाया और छोड़ दिया 
वे बोले इतना जहर काफी है तेरी मौत के लिए |


* एक ज़ख्म नही सारा वजूद ही ज़ख्मी है 
दर्द भी हैरान है कि उठूँ तो कहाँ से उठूँ |


* हमें दर्द के अंगारों पर चलने दो खामोश यूँ ही 
ज़ख्मों ने ज़ुबाँ खोली तो कितना कुछ कह जाएंगे |


* वो शख्स मेरे हर किस्से कहानी में आया
जो मेरा हिस्सा होकर भी मेरे हिस्से ना आया  |


* माना तुम लफ़्हज़ों के बादशाह हो 
पर हम भी ख़ामोशियों पर राज़ करते हैं  |


* आँसू वो खामोश दुआएँ है,
जो सिर्फ रब्ब ही सुन सकता है |


* भुला देंगे हम अपना गम सारा 
मिला दे रब जो हमको तुमसे दोबारा |


* कुछ तो शराफत सीख ले ऐ मोहबत, शराब से 
बोतल पे कम से कम लिखा तो है कि "मै जानलेवा हूँ |


* कोशिश के बाद भी जो मुकम्मल ना हो सके 
तेरा नाम भी उन्ही ख्वाहिशों में शामिल है |


* वो मेरा होकर भी मुझसे जुदा सा रहा 
क्या कोई मुझसा भी जीत के हारा होगा |


* बर्बादी का दोष दुश्मनो को देते रहे 
दोस्तो को भी परखा होता तो अच्छा होता |


* दो शब्दो मे सिमटी है मेरी मोहब्बत की दास्तान 
उसे टूट कर चाहा और चाह कर टूट गये |


* मेरें जख्मों पर उसने भी मरहम लगाया, ये कहकर 
कि जल्दी से ठीक हो जाओ अभी तोऔर भी जख्म देने बाकि है |


* हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को 
जो आइने से भी नाज़ुक था मगर था पत्थर का |


* जिस्म के घाव तो भर ही जायेंगे एक दिन 
खेरियत उनकी पूछ ए-दोस्त, जिनके दिल पर वार हुआ है |


* मुझे एक ने बोला कि 90% लड़कियाँ धोखे बाज होती हैं 
तो मैने कहा सुन बे ढक्कन बचे हुये 10% मे मेरी वाली आती है |


* ये शायरी की महफ़िल बनी है,आशिकों के लिये 
बेवफाओं की क्या औकात, जो शब्दों को तोल सकें |


* हिज्र के आँचल में ही काँटे कुछ कम निकले ,
वरना हमने तो पाँवों को जख्म खाने की आदत सिखा डाली |


* वो बोली तुम मेरी गली में क्यु नहीं आते 
मेने कहा पागल रोजाना सुसराल जाना ठीक नहीं है |


* माना की खुद चल कर आये हैं तेरे दर पर ऐ मोहबत 
मगर दर्द दर्द और सिर्फ दर्द ये कहाँ की मेहमान नवाजी है |


* कितना अजीब शौक पाला है दर्द भरा अहसास लिखने का 
लिखू तो लोग परेशान न लिखू तो दिल परेशान |


* आज इतना जहर पिला दो कि सांस तक रुक जाए मेरी 
सुना है कि सांस रुक जाए तो रूठे हुये भी देखने आते है |


* उसके जाने के बाद भी अकेला नहीं हूँ मैं 
बेबसी उदासी इंतज़ार ना जाने क्या क्या है मेरे पास |


* याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फ़ाज़ 
जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है |


* जा बेवफा जा मुझे प्यार नहीं करना 
तन्हा ही जिलेंगे जब है तन्हा मरना |


* देख तेरा दिया हुआ गुलाब कैसा रँग लाया है 
जो सज न सका तेरी डोली में आज मेरे जनाजे पे काम आया है |


* हमने इलाजे-ज़ख़्मे-दिल तो ढूँढ़ लिया, लेकिन 
गहरे ज़ख़्मों को भरने में वक़्त तो लगता है  |


* उन्हो ने अपने लबो से लगाया और छोड़ दिया 
वे बोले इतना जहर काफी है तेरी मौत के लिए |


* एक ज़ख्म नही सारा वजूद ही ज़ख्मी है 
दर्द भी हैरान है कि उठूँ तो कहाँ से उठूँ |


* हमें दर्द के अंगारों पर चलने दो खामोश यूँ ही 
ज़ख्मों ने ज़ुबाँ खोली तो कितना कुछ कह जाएंगे |


*  सौ बार कहा दिल से
   चल भुल भी जा उसको।
   हर बार कहा दिल ने
   तुम दिल से नही कहते।


*   एक अजीब सा मंजर नजर आता है,
   हर एक आँसू समंदर नजर आता है,
   कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना,
   हर किसी के हाथ में पत्थर नजर आता है।

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